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स्वास्थ्य विभाग का नया अध्याय जनतांत्रिक साबित होगा:-मारवाङ अलख

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  • 21 Dec, 2025
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*डबल इंजन सरकार से प्रदेशवासियों को मिली बड़ी सौगात*

*मां योजना के लाभार्थी परिवार अब देश भर के 31,000 से ज्यादा सरकारी-निजी अस्पतालों में करवा सकेंगे निशुल्क इलाज*

*इंटरस्टेट आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी लागू होने से पीएम जनआरोग्य योजना से जुड़ी मां योजना*

बीकानेर, 20 दिसंबर। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (मां) योजना के अंतर्गत अब प्रदेश के नागरिक राज्य के बाहर भी पूर्णतया निशुल्क एवं कैशलैस उपचार सेवा का लाभ उठा सकेंगे। डबल इंजन सरकार द्वारा योजनांतर्गत इंटरस्टेट पोर्टेबिलिटी (आउट बाउंड) की सुविधा लागू कर दी गई है। आउट बाउंड पोर्टेबिलिटी में राजस्थान के निवासियों को राज्य से बाहर यानी दो राज्यों तमिलनाडु व कर्नाटक को छोड़ देश के हर राज्य में सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

सीएमएचओ डॉ पुखराज साध ने बताया कि मां योजना के सभी पात्र लाभार्थी पीएमजेएवाई एप्लिकेशन के माध्यम से बाहर के सूचीबद्ध अस्पतालों से जुड़ जाएंगे, जहां वे इलाज करा सकेंगे। वर्तमान में राज्य के 1800 अस्पताल योजना से जुड़े हैं। अब इस एकीकरण का लाभ यह भी होगा कि प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना से संबद्ध अन्य राज्यों के 31 हजार और नए अस्पताल जुड़ जाएंगे। डॉ. साध ने बताया कि आउटबाउंड पोर्टिबिलिटी के तहत 1900 से अधिक पैकेजेज चिन्हित किये गये है, जिसमें पीएमजेएवाई के पात्र परिवारों के साथ-साथ मां योजना के सभी पात्र परिवारों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण नई दिल्ली के ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस-2.0) के माध्यम से योजनान्तर्गत विभिन्न प्रदेशों में 25 लाख रु. तक का उपचार दिये जाने का प्रावधान किया गया है।
डिप्टी सीएमएचओ स्वास्थ्य डॉ लोकेश गुप्ता ने जानकारी दी कि इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी के तहत तमिलनाडु एवं कर्नाटक के अतिरिक्त देश के सभी राज्यों के प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से संबद्ध लगभग 16,113 सरकारी तथा 14,608 निजी अस्पतालों में कैशलेस एवं निःशुल्क उपचार का लाभ उपलब्ध होगा। इसमें पड़ोसी राज्यों के संबद्ध अस्पताल जैसे दिल्ली के 184, गुजरात के 2,067, हरियाणा के 1,366, मध्य प्रदेश के 1,622, महाराष्ट्र के 1,709, पंजाब के 823 तथा उत्तर प्रदेश के 6,182 अस्पताल भी शामिल हैं।

*मां योजना में ये लाभार्थी परिवार है पात्र*
मां योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक ईशान पुष्करणा ने बताया कि योजना में वर्तमान में एनएफएसए, सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना 2011 के चयनित परिवार, समस्त संविदा कार्मिक, लघु एवं सीमांत कृषक, कोविड अनुदान प्राप्त परिवार, ईडब्ल्यूएस परिवार तथा 70 वर्ष एवं उससे अधिक उम्र के वरिष्ठजनों को नि:शुल्क श्रेणी मैं शामिल करते हुए राज्य सरकार द्वारा इनका संपूर्ण प्रीमियम भुगतान अपने स्तर से किया जा रहा है। शेष परिवार (आरजीएचएस/सीजीएचएस के पात्र परिवारों को छोड़कर) 850 रू. प्रति परिवार प्रति पॉलिसी प्रति वर्ष प्रीमियम राशि का अंशदान जमा करवा कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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